सामान्य काल का तीसरा रविवार
📒पहला पाठ: इसायाह 8: 23-9:3
23 जहाँ पहले विषाद था, वहाँ अन्धकार नहीं होगा। प्रभु ने भूतकाल में ज़बुलोन तथा नफ़्ताली के प्रान्तों को अपमानित होने दिया है, किन्तु भविष्य में यह यर्दन के उस पार, समुद्र के मार्ग को, गैर-यहूदियों की गलीलिया को महिमा प्रदान करेगा
1 अन्धकार में भटकने वाले लोगों ने एक महती ज्योति देखी है, अन्धकारमय प्रदेश में रहने वालों पर ज्योति का उदय हुआ है।
2 तूने उन लोगों का आनन्द और उल्लास प्रदान किया है। जैसे फ़सल लुनते समय या लूट बाँटते समय उल्लास होता है, वे वैसे ही तेरे सामने आनन्द मना रहे हैं।
3 उन पर रखा हुआ भारी जूआ, उनके कन्धों पर लटकने वाली बहँगी, उन पर अत्याचार करने वाले का डण्डा- यह सब तूने तोड़ डाला है, जैसा कि मिदयान के दिन हुआ था।
📙दूसरा पाठ : 1 कुरिन्थियों 1:10-13,17
10 भाइयो! हमारे प्रभु ईसा मसीह के नाम पर मैं आप लोगों से यह अनुरोध करता हूँ – आप लोग एकमत होकर दलबन्दी से दूर रहें। आप एक दूसरे से मेल-मिलाप करें और हृदय तथा मन से पूर्ण रूप से एक हो जायें।
11 ख्लोए के घर वालों से मुझे पता चला कि आप लोगों में फूट पड़ गयी है।
12 मेरे कहने का तात्पर्य यह है कि आप लोगों में प्रत्येक अपना-अपना राग अलापता है: “मैं पौलुस का हूँ”: “मैं अपोल्लोस का हूँ”; “मैं केफस का हूँ” और “मैं मसीह का हूँ”;।
13 क्या मसीह खण्ड-खण्ड हो गये हैं? क्या पौलुस आप लोगों के लिए क्रूस मर गये हैं? क्या आप लोगों को पौलुस के नाम पर बपतिस्मा मिला है?
17 क्योंकि मसीह ने मुझे बपतिस्मा देने नहीं; बल्कि सुसमाचार का प्रचार करने भेजा। मैंने इस कार्य के लिए अलंकृत भाषा का व्यवहार नहीं किया, जिससे मसीह के क्रूस के सन्देश का प्रभाव फीका न पड़े।
📘सुसमाचार : मत्ती 4: 12-23
12 ईसा ने जब यह सुना कि योहन गिरफ़्तार हो गया है, तो वे गलीलिया चले गये।
13 वे नाज़रेत नगर छोड़ कर, ज़बुलोन और नफ्ताली के प्रान्त में, समुद्र के किनारे बसे हुए कफ़रनाहूम नगर में रहने लगे।
14 इस तरह नबी इसायस का यह कथन पूरा हुआ-
15 ज़बुलोन प्रान्त! नफ्ताली प्रान्त! समुद्र के पथ पर, यर्दन के उस पार, ग़ैर-यहूदियों की गलीलिया!
16 अंधकार में रहने वाले लोगों ने एक महती ज्योति देखी; मृत्यु के अन्धकारमय प्रदेश में रहने वालों पर ज्योति का उदय हुआ।
17 उस समय से ईसा उपदेश देने और यह कहने लगे, “पश्चात्ताप करो। स्वर्ग का राज्य निकट आ गया है।”
18 गलीलिया के समुद्र के किनारे टहलते हुए ईसा ने दो भाइयों को देखा- सिमोन, जो पेत्रुस कहलाता है, और उसके भाई अन्द्रेयस को। वे समुद्र में जाल डाल रहे थे, क्योंकि वे मछुए थे।
19 ईसा ने उन से कहा, “मेरे पीछे चले आओ। मैं तुम्हें मनुष्यों के मछुए बनाऊँगा।”
20 वे तुरन्त अपने जाल छोड़ कर उनके पीछे हो लिये।
21 वहाँ से आगे बढ़ने पर ईसा ने और दो भाइयों को देखा- जे़बेदी के पुत्र याकूब और उसके भाई योहन को। वे अपने पिता जे़बेदी के साथ नाव में अपने जाल मरम्मत कर रहे थे। ईसा ने उन्हें बुलाया।
22 वे तुरन्त नाव और अपने पिता को छोड़ कर उनके पीछे हो लिये।
23 ईसा उनके सभागृहों में शिक्षा देते, राज्य के सुसमाचार का प्रचार करते और लोगों की हर तरह की बीमारी और निर्बलता दूर करते हुए, सारी गलीलिया में घूमते रहते थे।