सामान्य काल
धन्य कुँवारी मरियम का ऐच्छिक स्मरण
संत सिरिल अलेक्ज़ान्द्रिया, धर्माध्यक्ष एवं कलीसिया के धर्मशास्त्री
📒 पहला पाठ:शोकगीत 2:2,10-14,18-19
2 कुमारियों के बीच मेरी प्रेयसी कंटकों के बीच सोसन पुष्प-जैसी है।
10 मेरा प्रियतम बोल रहा है। वह मुझ से यह कहता है,
11 “प्रिये! सुन्दरी! उठो, मेरे साथ चलो। देखो! शीतकाल बीत गया है, वर्षा-ऋतु समाप्त हो गयी है।
12 पृथ्वी पर फूल खिनने लगे हैं। गीत गाने का समय आ गया है और हमारे देश में कपोत की कूजन सुनाई दे रही है।
13 अंजीर के पेड़ में नये फल लग गये हैं और दाखलताओं के फूल महक रहे है। प्रिये! सुन्दरी! उठो, मेरे साथ चलो।
14 चट्टानों की दरारों में, पर्वतों की गुफाओें में छिपने वाली, मेरी कपोती! मुझे अपना मुख दिखाओे, अपनी आवाज़ सुनने दो, क्योंकि तुम्हारा कण्ठ मधुर है और तुम्हारा मुख सुन्दर है।”
📘सुसमाचार :मत्ती 8:5-17
5 ईसा कफ़रनाहूम में प्रवेश कर ही रहे थे कि एक शतपति उनके पास आया और उसने उन से यह निवेदन किया,
6 “प्रभु! मेरा नौकर घर में पड़ा हुआ है। उसे लक़वा हो गया है और वह घोर पीड़ा सह रहा है।”
7 ईसा ने उस से कहा, ”मैं आ कर उसे चंगा कर दूँगा”।
8 शतपति ने उत्तर दिया, ”प्रभु! मैं इस योग्य नहीं हूँ कि आप मेरे यहाँ आयें। आप एक ही शब्द कह दीजिए और मेरा नौकर चंगा हो जायेगा।
9 मैं एक छोटा-सा अधिकारी हूँ। मेरे अधीन सिपाही रहते हैं। जब मैं एक से कहता हूँ- ‘जाओ’, तो वह जाता है और दूसरे से- ‘आओ’, तो वह आता है और अपने नौकर से- ‘यह करो’, तो वह यह करता है।”
10 ईसा यह सुन कर चकित हो गये और उन्होंने अपने पीछे आने वालों से कहा, ”मैं तुम लोगों से यह कहता हूँ-इस्राएल में भी मैंने किसी में इतना दृढ़ विश्वास नहीं पाया”।
11 ”मैं तुम से कहता हूँ- बहुत-से लोग पूर्व और पश्चिम से आ कर इब्राहीम, इसहाक और याकूब के साथ स्वर्गराज के भोज में सम्मिलित होंगे,
12 परन्तु राज्य की प्रजा को बाहर, अन्धकार में फेंक दिया जायेगा। वहाँ वे लोग रोयेंगे और दाँत पीसते रहेंगे।”
13 शतपति से ईसा ने कहा, ”जाइए आपने जैसा विश्वास किया, वैसा ही हो जाये” और उस घड़ी उसका नौकर चंगा हो गया।
14 पेत्रुस के घर पहुँचने पर ईसा को पता चला कि पेत्रुस की सास बुख़ार में पड़ी हुई है।
15 उन्होंने उसका हाथ स्पर्श किया और उसका बुख़ार जाता रहा और वह उठ कर उनके सेवा-सत्कार में लग गयी।
16 सन्ध्या होने पर लोग बहुत-से अपदूतग्रस्तों को ईसा के पास ले आये। ईसा ने शब्द मात्र से अपदूतों को निकाला और सब रोगियों को चंगा किया।
17 इस प्रकार नबी इसायस का यह कथन पूरा हुआ- उसने हमारी दुर्बलताओं को दूर कर दिया और हमारे रोगों को अपने ऊपर ले लिया।
