बत्तीसवाँ सामान्य सप्ताह
संत लौरेंस ओतेले
📒पहला पाठ-प्रज्ञा 13:1-9
1 वे मनुष्य कितने मूर्ख है, जिन में ईश्वर का ज्ञान नहीं है! जो दृश्य जगत् को देख कर ‘सत्‘ नामक ईश्वर को नहीं जान सके, जो सृष्टि को देख कर सृष्टिकर्ता को पहचानने में असमर्थ रहे!
2 किन्तु उन्होंने अग्नि, पवन, सूक्ष्म वायु, तारामण्डल, जल का तीव्र प्रवाह अथवा आकाश के ज्योति-पिण्डों को संसार का संचालन करने वाले देवता समझा है।
3 यदि उन्होंने इन वस्तुओं के सौन्दर्य से मोहित हो कर इन्हें देवता समझ लिया है, तो वे यह जान जायें कि इन सब का स्वामी इन से कितना श्रेष्ठ है; क्योंकि समस्त सौन्दर्य के मूलस्त्रोत द्वारा उनकी सृष्टि हुई है
4 और यदि वे इन वस्तुओं की शक्ति और क्रियाशीलता से प्रभावित हुए, तो वे इन वस्तुओं से अनुमान लगायें कि इनका निर्माता कितना अधिक शक्तिशाली है;
5 क्योंकि सृष्ट वस्तुओं की महानता और सौन्दर्य के आधार पर इनके निर्माता का अनुमान लगाया जा सकता है।
6 किन्तु उन लोगों का दोष बड़ा नहीं है; क्योंकि वे ईश्वर को ढूँढ़ते और उसे पाने के इच्छुक थे, किन्तु वे भटक गये।
7 वे ईश्वर के कार्यों के बीच जीवन बिता कर उनकी छानबीन करते और दृश्य वस्तुओं के सौन्दर्य के कारण भ्रम में फँस जाते हैं।
8 फिर भी वे लोग क्षम्य नहीं हैं;
9 क्योंकि यदि वे ज्ञान में इतना आगे बढ़ गये थे कि विश्व के विषय में चिन्तन कर सके, तो वे शीघ्र ही इसके स्वामी को क्यों नहीं पहचान सके?
📙सुसमाचार-लूकस 17:26-37
26 “जो नूह के दिनों में हुआ था, वही मानव पुत्र के दिनों में भी होगा।
27 नूह के जहाज़ पर चढ़ने के दिन तक लोग खाते-पीते और शादी-ब्याह करते रहे। तब जलप्रलय आया और उसने सब को नष्ट कर दिया।
28 लोट के दिनों में भी यही हुआ था। लोग खाते-पीते, लेन-देन करते, पेड़ लगाते और घर बनाते रहे;
29 परन्तु जिस दिन लोट ने सोदोम छोड़ा, ईश्वर ने आकाश से आग और गंधक बरसायी और सब-के-सब नष्ट हो गये।
30 मानव पुत्र के प्रकट होने के दिन वैसा ही होगा।
31 “उस दिन जो छत पर हो और उसका सामान घर में हो, वह उसे ले जाने नीचे न उतरे और जो खेत में हो, वह भी घर न लौटे।
32 लोट की पत्नी को याद करो।
33 जो अपना जीवन सुरक्षित रखने का प्रयत्न करेगा, वह उसे खो देगा, और जो उसे खो देगा, वह उसे सुरक्षित रखेगा।
34 “मैं तुम से कहता हूँ, उस रात दो एक खाट पर होंगे-एक उठा लिया जायेगा और दूसरा छोड़ दिया जायेगा।
35 दो स्त्रियाँ साथ-साथ चक्की पीसती होंगी-एक उठा ली जायेगी और दूसरी छोड़ दी जायेगी।”
36 “मैं तुम से कहता हूँ, दो खेत में होंगे-एक उठा लिया जायेगा और दूसरा छोड़ दिया जायेगा।
37 इस पर उन्होंने ईसा से पूछा, “प्र्रभु! यह कहाँ होगा?” उन्होंने उत्तर दिया, “जहाँ लाश होगी, वहाँ गीध भी इकट्ठे हो जायेंगे”।