iTrust Ministries • आज का मनन

20 सितंबर 2026

20 सितंबर का मनन

आज के वचन पर मनन

आज के सभी पाठ हमें एक बहुत सुन्दर लेकिन कभी-कभी कठिन सच्चाई समझाते हैं— ईश्वर हमेशा हमारी सोच के अनुसार काम नहीं करते, क्योंकि उनकी दृष्टि हमारी दृष्टि से कहीं बड़ी है। इसायाह के पाठ में ईश्वर हमें याद दिलाते हैं कि उनके विचार हमारे विचारों जैसे नहीं और उनके मार्ग हमारे मार्गों जैसे नहीं हैं। यही बात आज के सुसमाचार में येसु दाखबारी के मजदूरों के दृष्टान्त द्वारा समझाते हैं। कुछ मजदूर सुबह से काम कर रहे थे, कुछ बाद में आये और कुछ लगभग दिन के अन्त में, फिर भी मालिक ने अपनी उदारता से सबको मजदूरी दी। अब सुबह से काम करने वालों को समस्या क्या थी? उन्हें कम नहीं मिला था; उन्हें वही मिला जो उनसे तय हुआ था। उनकी समस्या तब शुरू हुई जब उन्होंने अपने जीवन को दूसरे व्यक्ति से तुलना करना शुरू किया। कई बार हमारी भी यही समस्या है। हम ईश्वर से मिली आशीष को देखकर खुश होने के बजाय पूछते हैं—“उसे मुझसे ज्यादा क्यों मिला? उसकी प्रार्थना इतनी जल्दी क्यों सुनी गयी? उसका जीवन इतना आसान क्यों है और मेरा क्यों नहीं?” लेकिन हम भूल जाते हैं कि ईश्वर का प्रेम वेतन नहीं है जिसे हम अपने काम से कमाते हैं; वह अनुग्रह है जिसे वे अपनी उदारता से देते हैं। इसीलिए स्तोत्र कहता है, “प्रभु दया और अनुकम्पा से परिपूर्ण है। वह सहनशील और अत्यन्त प्रेममय है।” संत पौलुस दूसरे पाठ में हमें इससे भी आगे ले जाते हैं—उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण बात यह नहीं कि जीवन आसान हो या कठिन, बल्कि यह कि उनके जीवन द्वारा मसीह की महिमा हो। यही आज हमारे लिए प्रश्न है: क्या मैं येसु को इसलिए चाहता हूँ कि वे मेरी योजनाओं के अनुसार सब कुछ करें, या मैं वास्तव में उन पर इतना भरोसा करता हूँ कि जब उनकी योजना मेरी योजना से अलग हो, तब भी कह सकूँ—“प्रभु, मैं सब कुछ नहीं समझता, लेकिन मैं आप पर भरोसा करता हूँ”? शायद आज येसु हमें दूसरों से तुलना करना छोड़कर अपनी आँखें उनकी ओर उठाने के लिए बुला रहे हैं। जो आपके जीवन में किसी और को मिला है, वह आपकी कहानी नहीं है; ईश्वर आपकी कहानी अलग तरह से लिख रहे हैं। इसलिए निराश मत होइए, तुलना मत कीजिए और ईश्वर की उदारता से ईर्ष्या मत कीजिए। उनके मार्ग हमारे मार्गों से ऊँचे हैं, लेकिन उनका हृदय हमेशा हमारे लिए दया और प्रेम से भरा है।

← पिछला मनन अगला मनन →