आगमन काल
तीसरा सप्ताह
आज की संत: इटली के संत एडेलेड विधवा

📙 पहला पाठ: गणना 24: 2-7, 15-17

2 अपनी आँखें ऊपर उठायीं और इस्राएलियों को देखा, जो अपने-अपने वंश के अनुसार शिविर डाल चुके थे। ईश्वर का आत्मा उस पर उतरा
3 और वह अपना यह काव्य सुनाने लगाः “ यह बओर के पुत्र बिलआम की भविष्यवाणी है। यह उस मनुष्य की भविष्यवाणी है, जो रहस्य देखता है ।
4 यह उसकी भविष्यवाणी है, जो ईश्वर के वचन सुनता और आत्मा से आविष्ट हो कर सर्वशक्तिमान् के दर्शन करता है।
5 याकूब! तुम्हारे तम्बू कितने सुन्दर हैं! इस्राएल! तुम्हारे निवास कितने रमणीय हैं!
6 वे घाटियों की तरह फैले हुए हैं, नदी के किनारे उद्यानों की तरह, ईश्वर द्वारा लगाये अगरू वृक्षों की तरह, जलस्रोत के निकट के देवदारों की तरह,
7 इस्राएलियों के पात्र जल से भरे रहेंगे, उनके बोये हुए खेतों की भरपूर सिंचाई होगी। उनका राजा अगाग से भी महान होगा और उसका राज्याधिकार बढ़ाया जायेगा।

15 इसके बाद बिलआम ने फिर कहा “यह बओर का पुत्र बिलआम की भविष्यवाणी है। यह उस मनुष्य की भविष्यवाणी है, जो रहस्य देखता है।
16 यह उसकी भविष्यवाणी है, जो ईश्वर के वचन सुनता और आत्मा से आविष्ट हो कर सर्वशक्तिमान् के दर्शन करता है।
17 मैं उसे देखता हूँ – किन्तु वर्तमान में नहीं। मैं उसके दर्शन करता हूँ – किन्तु निकट से नहीं। याकूब के वंश में एक तारे का उदय होगा, इम्राएल के वंश में एक राजा उत्पन्न होगा। वह मोआब की कनपटियों और सेत के पुत्रों के कपाल को चूर-चूर कर देगा।


📕 सुसमाचार: संत मत्ती 21: 23-27

23 जब ईसा मन्दिर पहुँच गये थे और शिक्षा दे रहे थे, तो महायाजक और जनता के नेता उनके पास आ कर बोले, “आप किस अधिकार से यह सब कर रहे हैं? किसने आप को  यह अधिकार दिया?”

24 ईसा ने उन्हें उत्तर  दिया, “मैं भी आप लोगों से एक प्रश्न पूछना चाहता हूँ। यदि आप मुझे इसका उत्तर देंगे, तो मैं भी आप को बता दूँगा कि मैं किस अधिकार से यह सब कर रहा हूँ।

25 योहन का बपतिस्मा कहाँ का था? स्वर्ग का अथवा मनुष्यों का?” वे यह कहते हुए आपस में परामर्श करते थे- “यदि हम कहें: ‘स्वर्ग का’, तो यह हम से कहेंगे, ‘तब आप लोगों ने उस पर विश्वास क्यों नहीं किया?’

26 यदि हम कहें: ‘मनुष्यों का’….,  तो जनता से डर है; क्योंकि सब योहन को नबी मानते हैं।”                 

27 इसलिए उन्होंने ईसा को उत्तर दिया, “हम नहीं जानते”। इस पर ईसा ने उन से कहा, “तब मैं भी आप लोगों को नहीं बताऊँगा कि मैं किस अधिकार से यह सब कर रहा हूँ।