iTrust Ministries • आज का मनन

21 सितंबर 2026

21 सितंबर का मनन

आज के वचन पर मनन

आज के पहले पाठ में संत पौलुस हमें याद दिलाते हैं कि हर व्यक्ति को ईश्वर ने अलग-अलग वरदान दिए हैं, लेकिन उद्देश्य एक ही है—मसीह की देह, अर्थात कलीसिया, को मजबूत बनाना और सबको एकता में लाना। सुसमाचार में हम मत्ती को देखते हैं। वह चुंगी-घर में बैठा है। समाज की नज़र में वह पापी है, लेकिन येसु उसकी कमजोरी नहीं देखते; येसु उसके भीतर वह व्यक्ति देखते हैं जो वह बन सकता है। वे उससे कहते हैं, “मेरे पीछे चले आओ”, और मत्ती उठकर उनके पीछे हो लेता है। कई बार हम सोचते हैं, “पहले मैं अच्छा बन जाऊँ, अपनी सारी कमियाँ ठीक कर लूँ, फिर ईश्वर के पास जाऊँगा।” लेकिन येसु ठीक उल्टा करते हैं। वे हमें हमारी वर्तमान अवस्था में बुलाते हैं और अपने साथ चलाते-चलाते बदलते हैं। सुसमाचार में वे कहते हैं, “जा कर सीख लो कि इसका क्या अर्थ है- मैं बलिदान नहीं, बल्कि दया चाहता हूँ। मैं धर्मियों को नहीं, पापियों को बुलाने आया हूँ।” — मत्ती 9:13। आज अपने आप से एक प्रश्न पूछें: येसु मुझे किस जगह से उठने के लिए कह रहे हैं? शायद कोई पुरानी आदत, कोई नाराज़गी, कोई डर, या अपनी सुविधा में बैठा रहना। येसु आज भी बुलाते हैं—“मेरे पीछे चले आओ।” और जब हम उठकर उनके पीछे चलते हैं, तब हमारे छोटे-से-छोटे वरदान भी किसी और के जीवन के लिए आशीष बन सकते हैं।

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