19 may in hindi

पास्का सप्ताह

📒 पहला पाठ:2 राजाओं 11:1-4,9-18,20

1  जब अहज़्या की माता अतल्या ने देखा कि उसका पुत्र मर गया है, तो वह समस्त राजकुल का विनाश करने लगी।

2  परन्तु राजा यहोराम की पुत्री और अहज़्या की बहन यहोषेबा ने अहज़्या के पुत्र योआश को चुपके से उन राजकुमारों से अलग कर दिया, जिनकी हत्या हो रही थी ओर उसे उसकी धाय के साथ शयनकक्ष में रखा। इस प्रकार वह अतल्या से छिपा रहा और बच गया।

3  वह छः वर्ष तक गुप्त रूप से प्रभु के मन्दिर में उसके साथ रहा। उस समय अतल्या समस्त देश का शासन करती थी।

4  सातवें वर्ष यहोयादा ने कारियों के शतपतियों और अंगरक्षकों को बुला भेजा। उसने उन्हें प्रभु के मन्दिर के अन्दर ले जा कर उनके साथ समझौता कर लिया और शपथ दिला कर उन्हें राजकुमार को दिखाया।

9  शतपतियों ने याजक यहोयादा के आदेश का पूरा-पूरा पालन किया। प्रत्येक व्यक्ति अपने आदमियों को-जो विश्राम-दिवस पर पहरे से छूट गये और जो विश्राम-दिवस पर पहरे पर आये थे, दोनों को ले कर याजक यहोयादा के पास आया।

10  याजक ने शतपतियों को प्रभु के मन्दिर में सुरक्षित राजा दाऊद के भाले और ढ़ालें दे दीं।

11  अंगरक्षक मन्दिर के दक्षिण कोने से उत्तरी कोने तक, वेदी और मन्दिर के सामने, हाथ में अस्त्र लिये खड़े हो गये।

12  तब यहोयादा ने राजकुमार को बाहर ला कर उसे मुकुट और राज्यचिन्ह पहनाये और राजा के रूप में उसका अभिषेक किया। सब तालियाँ बजा कर चिल्ला उठे- राजा की जय !

13  अतल्या लोगों का जयकार सुन कर प्रभु में मन्दिर में लोगों के पास आयी।

14  उसने देखा कि राजा, प्रथा के अनुसार, सेनापतियों ओर तुरही बजाने वालों के साथ मंच पर खड़ा है, देश भर के लोग आनन्द मना रहे हैं और तुरहियाँ बज रही हैं। इस पर अतल्या अपने वस्त्र फाड़ कर चिल्ला उठी,”यह राजद्रोह है ! राजद्रोह है !”

15  याजक यहोयादा ने सेना के शतपतियों से कहा, “उसे बाहर ले जाओ। जो उसके साथ जाये, उसे तलवार के घाट उतार दो।” क्योंकि याजक ने कहा था कि प्रभु के मन्दिर में उसका वध नहीं किया जा सकता है,

16  वे उसे पकड़ कर अश्व-फाटक से हो कर राजमहल ले गये। वहाँ उसका वध कर दिया गया।

17  तब यहोयादा ने प्रभु, राजा और जनता के बीच एक ऐसा विधान निर्धारित किया, जिससे जनता फिर प्रभु की प्रजा बन जाये। इसके बाद देश भर के लोगों ने बाल के मन्दिर जा कर उसे नष्ट कर दिया।

18  उन्होंने वेदियों और मूर्तिंयों के टुकडे़-टुकडे़ कर दिये और बाल के पुरोहित मत्तान को वेदियों के सामने मार डाला। याजक ने प्रभु के मन्दिर पर पहरा बिठा दिया।

20  देश भर के लोग आनन्दित थे और नगर फिर शान्त हो गया। अतल्या को राजमहल में तलवार के घाट उतारा गया था।


📘सुसमाचार :मत्ती 6:9-23

9 तो इस प्रकार प्रार्थना किया करो—स्वर्ग में विराजमान हमारे पिता! तेरा नाम पवित्र माना जाये।

10 तेरा राज्य आये। तेरी इच्छा जैसे स्वर्ग में, वैसे पृथ्वी पर भी पूरी हो।

11 आज हमारा प्रतिदिन का आहार हमें दे।

12 हमारे अपराध क्षमा कर, जैसे हमने भी अपने अपराधियों को क्षमा किया है

13 और हमें परीक्षा में न डाल, बल्कि बुराई से हमें बचा।

14 “यदि तुम दूसरों के अपराध क्षमा करोगे, तो तुम्हारा स्वर्गिक पिता भी तुम्हें क्षमा करेगा।

15 परन्तु यदि तुम दूसरों को क्षमा नहीं करोगे, तो तुम्हारा पिता भी तुम्हारे अपराध क्षमा नहीं करेगा।

16 “ढोंगियों की तरह मुँह उदास बना कर उपवास नहीं करो। वे अपना मुँह मलिन बना लेते हैं, जिससे लोग यह समझें कि वे उपवास कर रहे हैैं। मैं तुम लोगों से यह कहता हूँ—वे अपना पुरस्कार पा चुके हैं।

17 जब तुम उपवास करते हो, तो अपने सिर में तेल लगाओ और अपना मुँह धो लो,

18 जिससे लोगों को नहीं, केवल तुम्हारे पिता को, जो अदृश्य है, यह पता चले कि तुम उपवास कर रहे हो। तुम्हारा पिता, जो अदृश्य को भी देखता है‌, तुम्हें पुरस्कार देगा।

19 “पृथ्वी पर अपने लिए पूँजी जमा नहीं करो, जहाँ मोरचा लगता है, कीड़े खाते हैं और चोर सेंध लगा कर चुराते हैं।

20 स्वर्ग में अपने लिए पूँजी जमा करो, जहाँ न तो मोरचा लगता है, न कीड़े खाते हैं और न चोर सेंध लगा कर चुराते हैं।

21 क्योंकि जहाँ तुम्हारी पूँजी है, वहीं तुम्हारा हृदय भी होगा।

22 “आँख शरीर का दीपक है। यदि तुम्हारी आँख अच्छी है, तो तुम्हारा सारा शरीर प्रकाशमान होगा;

23 किन्तु यदि तुम्हारी आँख बीमार है, तो तुम्हारा सारा शरीर अन्धकारमय होगा। इसलिए जो ज्योति तुम में है, यदि वही अन्धकार है, तो यह कितना घोर अन्धकार होगा!

Similar Posts

  • 27 may in hindi

    सामान्य सप्ताह संत ऑगस्टीन ऑफ कैंटरबरी, बिशप एवं मिशनरी 📒पहला पाठ:1पेत्रुस 1:18-25 18 आप लोग जानते हैं कि आपके पूर्वजों से चली आयी हुई निरर्थक जीवन-चर्या से आपका उद्धार सोने-चांदी जैसी नश्वर चीजों की कीमत पर नहीं हुआ है, 19 बल्कि एक निर्दोष तथा निष्कलंक मेमने अर्थात् मसीह के मूल्यवान् रक्त की कीमत पर। 20…

  • 29 may in hindi

    सामान्य सप्ताह 📒पहला पाठ:1पेत्रुस 4:7-13 7 सृष्टि का अन्त निकट आ गया है। आप लेाग सन्तुलन तथा संयम रखें, जिससे आप प्रार्थना कर सकें। 8 मुख्य बात यह है कि आप आपस में गहरा भ्रातृप्रेम बनाये रखें, क्योंकि प्रेम बहुत-से पाप ढांक देता है। 9 आप खुशी से एक दूसरे का आतिथ्यसत्कार करें। 10 जिसे…

  • 20 may in hindi

    पास्का सप्ताह संत बर्नार्डिन सिएना केयाजक, धर्मसंघी और धर्मप्रचारक 📒 पहला पाठ:प्रेरित– चरित 20:28-38 28 आप लोग अपने लिए और अपने सारे झुण्ड के लिए सावधान रहें। पवित्र आत्मा ने आप को झुण्ड की रखवाली का भार सौंपा है। आप प्रभु की कलीसिया के सच्चे चरवाहे बने रहें, जिसे उन्होंने अपना रक्त दे कर प्राप्त…

  • 12 august in hindi

    उन्नीसवाँ सामान्य सप्ताहआज के संत: संत योहन फ्रांसिसका दि चंताल / संत मुरताग 📒पहला पाठ- विधि विवरण 31: 1-8 1 इसके बाद मूसा ने समस्त इस्राएलियों से कहा, 2 “अब मैं एक सौ बीस वर्षों का हो गया हूँ और चलने-फिरने मे असमर्थ हूँ। प्रभु ने मुझ से कहा, ‘तुम इस यर्दन नदी को पार…

  • 1 October In hindi

    छब्बीसवाँ सामान्य सप्ताहआज के संत: बालक येसु की संत तेरेसा 📒पहला पाठ- नहेम्या 2: 1-8 1 राजा अर्तज़र्कसीस के राज्यकाल के बीसवें वर्ष के नीसान महीने में मैंने अंगूरी ले कर राजा के सामने रखी। मैं पहले कभी उदास हो कर राजा के सामने नहीं आया था। 2 राजा ने मुझ से कहा, “तुम्हारा चेहरा…

  • 22 may in hindi

    पास्का सप्ताह कास्सिया की संत रीता 📒 पहला पाठ:प्रेरित– चरित 20:28-38 13  कुछ दिनों बाद राजा अग्रिप्पा और बेरनिस कैसरिया पहुँचे और फेस्तुस का अभिवादन करने आये। 14  वे वहाँ कई दिन रहे और इस बीच फ़ेस्तुस ने पौलुस का मामला राजा के सामने प्रस्तुत करते हुए कहा, “फेलिक्स यहाँ एक व्यक्ति को बन्दीगृह में…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *